
जौनपुर— जौनपुर के सुविख्यात आर.एन. टैगोर सीनियर सेकेंडरी स्कूल, शकरमंडी जौनपुर में बोर्ड परीक्षा को दृष्टिगत रखते हुए एक प्रेरणादायी मोटिवेशनल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. वरुण त्रिपाठी, डिप्टी कमिश्नर जीएसटी, जौनपुर रहे।
अपने उद्बोधन में डॉ. वरुण त्रिपाठी ने विद्यार्थियों को परीक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण गुर सिखाए तथा एक आदर्श विद्यार्थी के लक्षणों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को कौवे की तरह निरंतर प्रयासरत, बगुले की तरह एकाग्रचित्त, स्वल्पाहारी तथा श्वान की तरह सदैव चैतन्य रहना चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि श्रीराम और श्रीकृष्ण जैसे आराध्य देवों को भी विद्या-अर्जन हेतु गृह त्याग करना पड़ा, उसी प्रकार का भाव विद्यार्थियों के मन में भी होना चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि विद्यार्थी जीवन एक यात्रा है, जिसमें उतार-चढ़ाव स्वाभाविक हैं। बच्चों को संतोष का भाव रखते हुए पूरे मनोयोग से परिश्रम करना चाहिए और फल की चिंता छोड़ देनी चाहिए। कर्तव्य-पथ पर जो भी प्राप्त हो, उसमें संतोष करना आवश्यक है। उन्होंने बच्चों को चेताया कि जीवन में कोई भी गलत कदम न उठाएं, क्योंकि असंतुलित मानसिक स्थिति में अवसादग्रस्त होकर बच्चे गलत कार्य कर बैठते हैं। अतः जीवन में सदैव सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए रखना चाहिए।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में महेंद्र मिश्रा ने विद्यार्थियों को मोबाइल फोन से दूरी बनाकर पुस्तकों से मित्रता करने की सलाह दी। उन्होंने जयशंकर प्रसाद और प्रेमचंद के उपन्यासों एवं कहानियों को पढ़ने का सुझाव देते हुए कहा कि इससे भाषा ज्ञान समृद्ध होता है और पुस्तकों के माध्यम से व्यापक समाज को समझने का अवसर मिलता है। उन्होंने रामायण, महाभारत तथा चाणक्य जैसे धारावाहिकों को भी शुद्ध संस्कृतनिष्ठ भाषा सीखने में सहायक बताया। साथ ही उन्होंने सुंदर अक्षर लेखन पर भी विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।
महेंद्र मिश्रा ने लेखन के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि लिखित प्रतियोगी परीक्षाओं में लगभग 50-60 प्रतिशत भूमिका लेखन की, 30 प्रतिशत अध्ययन की तथा शेष 10 प्रतिशत भाग्य या प्रारब्ध की होती है।
कार्यक्रम में आर.एन. टैगोर स्कूल शकरमंडी के निदेशक डॉ. प्रदीप कुमार सिंह, प्राचार्या डॉ. शीला सिंह, रामदयाल द्विवेदी, जे.पी. सिंह, डॉ. सचिन सिंह सहित विद्यालय परिवार के अन्य सदस्य एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और परीक्षा के प्रति सजगता का विकास करना रहा, जिसे उपस्थित छात्रों ने उत्साहपूर्वक सराहा।


