
जौनपुर। विश्व अस्थमा दिवस 2026 के अवसर पर चेस्ट विशेषज्ञ डॉ. रविंद्र कुमार सिंह ने कहा कि अस्थमा के मरीज केवल राहत देने वाले इनहेलर पर निर्भर न रहें, बल्कि नियमित कंट्रोलर थेरेपी अपनाएं।
ग्लोबल इनिशिएटिव फॉर अस्थमा (जीआईएनए) के अनुसार, कॉम्बिनेशन एंटी-इंफ्लेमेटरी इनहेलर से बीमारी पर बेहतर नियंत्रण और जीवन की गुणवत्ता में सुधार होता है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, भारत में करीब 75% मरीज इनहेलर का सही उपयोग नहीं करते, जिससे अस्थमा नियंत्रण कमजोर रहता है। जागरूकता और नियमित उपचार से इस समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है।


