
गुरु–शिष्य परंपरा की मजबूती और भावनात्मक जुड़ाव का बना सशक्त मंच
जौनपुर
तिलकधारी स्नातकोत्तर महाविद्यालय के शिक्षक शिक्षा विभाग द्वारा विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी ऑनलाइन ‘पुरातन छात्र समागम’ का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम ने यह सिद्ध कर दिया कि समय और दूरी चाहे कितनी भी बढ़ जाए, गुरु और शिष्य के बीच का स्नेह, सम्मान और भावनात्मक जुड़ाव कभी कम नहीं होता। देश के विभिन्न राज्यों में कार्यरत पूर्व छात्र–छात्राओं ने इस वर्चुअल मंच के माध्यम से महाविद्यालय से अपने रिश्ते को फिर से जीवंत किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ आईक्यूएसी संयोजक प्रोफेसर सुदेश सिंह एवं विभागाध्यक्ष प्रोफेसर सुधांशु सिंह द्वारा दीप प्रज्वलन के साथ हुआ।

इसके पश्चात डॉ. गीता सिंह ने सरस्वती वंदना एवं स्वागत गीत प्रस्तुत कर सभी पुरातन छात्रों का अभिनंदन किया। प्राचार्य प्रोफेसर राम आसरे सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि पुरातन छात्र महाविद्यालय की गौरवशाली परंपरा के संवाहक होते हैं और अपने कर्म, व्यवहार व उपलब्धियों से संस्थान की पहचान को और सशक्त बनाते हैं।

पूर्व प्राचार्य प्रोफेसर समर बहादुर सिंह ने कहा कि महाविद्यालय से मिली शिक्षा और संस्कार आज भी पूर्व छात्रों को जीवन में निरंतर प्रेरणा प्रदान कर रहे हैं। वी.बी. सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के शिक्षा संकाय के डीन प्रोफेसर अजय कुमार दुबे ने सभी पूर्व छात्र–छात्राओं के उत्तम स्वास्थ्य एवं निरंतर प्रगति की कामना की।

समागम के दौरान विभिन्न राज्यों और संस्थानों में कार्यरत पूर्व छात्रों द्वारा साझा किए गए संस्मरण, विचार, पुरानी तस्वीरें और वीडियो से तैयार ‘वर्चुअल कोलाज’ ने सभी को भावुक कर दिया। डॉ. जय प्रकाश सिंह, डॉ. सुनीता गुप्ता, डॉ. राजेश कुमार सिंह, डॉ. माया सिंह, डॉ. सुमन कुशवाहा, डॉ. शैलेश कुमार यादव सहित अन्य पुरातन छात्रों ने भी अपने अनुभव साझा किए।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. वैभव सिंह ने किया। अंत में विभागाध्यक्ष प्रोफेसर सुधांशु सिंह ने विभाग की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए सभी का आभार व्यक्त किया। धन्यवाद ज्ञापन प्रोफेसर रीता सिंह ने करते हुए सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।



