सकारात्मकता, नई शुरुआत और रिश्तों की मिठास का प्रतीक

जौनपुर: होली साल में एक बार आती है, लेकिन कई शहरों में इसका असर पूरे साल महसूस होता है। वजह रंगों की खुशियां नहीं, बल्कि वो आदतें हैं जो सार्वजनिक जगहों को गंदा और बदसूरत बना देती हैं। सड़कें, दीवारें, बस स्टॉप, बगीचे और मेट्रो स्टेशन कई बार गुलाल के रंगों से नहीं, बल्कि पान और गुटखे की पीक के दागों से भर जाते हैं। ऐसे में शहर खुशियों से ज्यादा गंदगी का एहसास कराने लगते हैं। ज़ी टीवी उन सभी लोगों का दिल से धन्यवाद करता है जो जिम्मेदारी और समझदारी के साथ होली मनाते हैं। होली का असली मतलब रंग, खुशी और साथ मिलकर जश्न मनाना है,

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