
जौनपुर- बसंत ऋतु के आगमन के साथ ही जनपद के ग्रामीण अंचलों में प्रकृति ने अपने सौंदर्य का अनुपम दृश्य प्रस्तुत करना शुरू कर दिया है। खेतों में सरसों के पीले फूल खिल उठे हैं, जो दूर-दूर तक फैली हरियाली के बीच स्वर्णिम छटा बिखेर रहे हैं। मटर और गेहूं की फसलों में भी बसंत का प्रभाव साफ दिखाई देने लगा है। चारों ओर फैली रंग-बिरंगी आभा और मंद सुगंध ने वातावरण को मनमोहक बना दिया है।
सुहावने मौसम और हल्की ठंड के साथ खिलती धूप ने किसानों के मन को भी प्रफुल्लित कर दिया है। खेतों में लहलहाती फसलें देख किसान खुश नजर आ रहे हैं। सरसों की फसल अपने पूरे शबाब पर है, वहीं मटर की फलियां और गेहूं की बालियों में भराव आने से अच्छी पैदावार की उम्मीद जगी है। किसानों का कहना है कि इस बार मौसम अनुकूल रहने से फसलों की बढ़वार अच्छी हुई है, जिससे उत्पादन बेहतर होने की संभावना है।
बसंत के आगमन से ग्रामीण क्षेत्रों में चहल-पहल बढ़ गई है। खेतों में काम करते किसान गीत गुनगुनाते नजर आ रहे हैं, वहीं सुबह-शाम खेतों की सैर करने वालों की संख्या भी बढ़ गई है। बच्चे, युवा और बुजुर्ग सभी इस मौसम का आनंद ले रहे हैं। बसंती हवा के झोंकों के साथ पक्षियों की चहचहाहट वातावरण को और भी जीवंत बना रही है।
किसानों का मानना है कि यदि इसी तरह मौसम मेहरबान रहा तो इस वर्ष रबी की फसल से अच्छी आमदनी होगी। बसंत की इस छटा ने न केवल खेतों को सजाया है, बल्कि किसानों के मन में भी नई ऊर्जा और उम्मीद का संचार कर दिया है।


