
मिली जानकारी के अनुसार महुली निवासी प्रमोद श्रीवास्तव का मकान काफी पुराना और जर्जर था…बारिश और उमस के कारण परिवार के सभी 7 सदस्य घर के एक ही कमरे में सो रहे थे….. उसी कमरे में एसी भी लगा था सीओ सिटी आशुतोष मिश्र के मुताबिक देर रात अचानक छत गिरने से पूरा परिवार मलबे में दब गया…… शोर सुनकर आसपास के लोग दौड़े और तुरंत पुलिस-फायर ब्रिगेड को दी सूचना सूचना मिलते ही सीओ सिटी, नगर कोतवाली पुलिस, फायर ब्रिगेड और राहत दल मौके पर पहुंचे…… जेसीबी और अन्य उपकरणों की मदद से कई घंटे तक मलबा हटाया गया…… सभी 7 लोगों को बाहर निकालकर जिला मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने 6 लोगों को घोषित कर दिया मृत मृतकों में प्रमोद श्रीवास्तव, उनकी पत्नी रीता श्रीवास्तव, नितिन श्रीवास्तव, माधुरी श्रीवास्तव, माधव और मासूम अद्विक हैं शामिल मलबे से बाहर निकलने वाला बेटा ही इस हादसे में एकमात्र जीवित बचा है प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पिछले कई दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण मकान की दीवारें और छत पहले से कमजोर हो गई थीं….. इसी वजह से पूरी बिल्डिंग अचानक ढह गई…… प्रशासन अब यह भी जांच कर रहा है कि मकान को लेकर पहले कोई शिकायत या नोटिस दिया गया था या नहीं हादसे के बाद पूरे महुली इलाके में शोक की लहर है…… घटनास्थल पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए प्रशासन ने पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता देने का दिलाया है भरोसा …..



