यूपी बोर्ड परीक्षा- 2025 की नवीन व्यवस्थाएं को धता बताते हुए 19 स्टैटिक मजिस्ट्रेट परीक्षा केन्द्रो पर ड्यूटी से रहे नदारद


जिला मजिस्ट्रेट के तेवर तल्ख, हो सकती है दण्डात्मक कार्यवाही-
जौनपुर-
जनपद मे आगामी 24 फरवरी2025 से संचालित होने जा रही विश्व की सबसे बडी यूपी बोर्ड परीक्षा केन्द्रो से आज 19 स्टैटिक मजिस्ट्रेट ड्यूटी से नदारद रहे,जो घोर अनुशासनहीनता व दायित्वो के प्रति लापरवाही की परिधि मे आता है। इसे लेकर जिला मजिस्ट्रेट डा0 डी.सी. सिह के तेवर तल्ख है,और ड्यूटी से नदारद स्टैटिक मजिस्ट्रेटो पर दण्डात्मक कार्यवाही सम्भावित है। सूत्रो के मुताबिक आज जनपद के सभी बोर्ड परीक्षा केन्द्रो पर जिला मजिस्ट्रेट के निर्देशन मे स्टैटिक मजिस्ट्रेट व वाह्य केन्द्र व्यवस्थापक व केन्द्रव्यवस्थापक/ प्रिंसपल के संयुक्त हस्ताक्षर से बोर्ड प्रश्नपत्र व कापी का मिलान कर परीक्षा केन्द्रो पर सुरक्षा व्यवस्था के साथ सुरक्षित रखा जाना था । हैरत की बात यह की बोर्ड परीक्षा को लेकर नकलविहीन परीक्षा सम्पन्न कराने,व नकल माफियायो व परीक्षा बाधित करने वालो पर सरकार ने सख्ती दिखाते हुए दण्डित करने हेतु कडे कानून बनाए है। इसको लेकर जिलाधिकारी/जिला मजिस्ट्रेट डा0 दिनेश चन्द्र सिंह व जिला पुलिस प्रमुख डा0 कौस्तुभ द्वारा जिला शान्ति समिति के सदस्यो,मीडिया व जिला विद्यालय निरीक्षक ,बीएसए, केन्द्र व्यवस्थापक के साथ बैठक कर बोर्ड परीक्षा सम्बन्धित सभी आवश्यक जानकारी सभी सम्बन्धित को मुहैया कराई गई थी, बाबजूद इसके जिला मजिस्ट्रेट के आदेश/निर्देश को धता बताते हुए 19 स्टैटिक मजिस्ट्रेट ड्यूटी से नदारद रहे,जो जांच एव कार्यवाही की परिधि मे आता है। यूपी बोर्ड परीक्षा अधिनियम की धारा- 14 में किसी व्यक्ति को सार्वजनिक परीक्षा संचालन विषयक कोई कार्य सौंपा गया और उसके द्वारा कार्य या कर्तव्य पूरा न करने की दशा में संबंधित व्यक्ति को अधिकतम 7 वर्ष कारावास और जुर्माने का प्रावधान है।

साथ ही सार्वजनिक परीक्षा संचालन हेतु नियुक्त किसी भी व्यक्ति को धमकी, प्रलोभन या बल प्रयोग द्वारा परीक्षा को प्रभावित करने या करने का प्रयास करने वाले किसी भी व्यक्ति को धारा 13 (4) में 10 वर्ष तक कारावास और 10 लाख तक के जुर्माने का प्रावधान है।

साल्वर गिरोह के व्यक्ति द्वारा ऐसा करने पर धारा 13 (5) में आजीवन कारावास और 01 करोड़ तक के जुर्माने का प्रावधान है।

बोर्ड परीक्षा केंद्र से भिन्न किसी अन्य स्थान का प्रयोग सार्वजनिक परीक्षा के लिए करने पर धारा 13 (3) में 10 वर्ष तक का कारावास और 5 लाख तक जुर्माने का प्रावधान है। अब देखना है की जिला मजिस्ट्रेट/जिलाधिकारी द्वारा ऐसे लापरवाह व गैरअनुशासित 19 स्टैटिक मजिस्ट्रेटो पर क्या कार्यवाही की जाती है।

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