
नौकरी नहीं, उद्यमिता और उत्पादन की ओर बढ़ें युवा : प्रो. अजय द्विवेदीउन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल नौकरी प्राप्त करना नहीं, बल्कि युवाओं को स्वावलंबी और आत्मनिर्भर बनाना होना चाहिए। स्पष्ट लक्ष्य और नवाचार के माध्यम से युवा स्वयं का उद्यम स्थापित कर दूसरों को भी रोजगार दे सकते हैं।

अध्यक्षता करते हुए अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. प्रमोद यादव ने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को उद्यमिता की दिशा में प्रेरित करते हैं। विज्ञान संकायाध्यक्ष प्रो. प्रदीप कुमार ने स्वदेशी तकनीक और नवाचार को सफलता का आधार बताया। प्रबंध अध्ययन संकायाध्यक्ष प्रो. अविनाश पाथर्डीकर ने कहा कि हर विचार में संभावनाएं होती हैं, जरूरत उसे व्यवहारिक रूप देने की है।स्वदेशी जागरण मंच के प्रांत सह युवा प्रमुख उद्देश्य सिंह ने कहा कि भारत को केवल बड़ा बाजार नहीं, बल्कि विश्व का प्रमुख उत्पादन केंद्र बनाना होगा। इसके लिए उत्पादन के साथ प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन, तकनीक और वैश्विक बाजार तक पहुंच पर ध्यान देना जरूरी है।संचालन डॉ. मनोज पांडेय ने किया। इस अवसर पर सह संयोजक आदित्य जायसवाल, आलोक, दिव्यांशु सहित शिक्षक एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।



