
जौनपुर – जिले के जलालपुर विकास खंड के आदत शाहपुर कलां गांव निवासी किसान बृजेश कुमार पटेल ने आधुनिक और वैज्ञानिक खेती अपनाकर यह साबित कर दिया है कि कम जमीन में भी अच्छी आमदनी हासिल की जा सकती है। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने उद्यानिकी खेती से अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत की और अब क्षेत्र के अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बन गए हैं।

इंटरमीडिएट शिक्षित बृजेश कुमार पटेल के पास मात्र 0.506 हेक्टेयर कृषि भूमि है। पहले वे पारंपरिक तरीके से धान और गेहूं की खेती करते थे, लेकिन बढ़ती लागत और कम मुनाफे के कारण उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। सिंचाई की समस्या और आधुनिक तकनीक की जानकारी का अभाव भी बड़ी चुनौती थी।

बृजेश के जीवन में बदलाव तब आया जब उन्होंने उद्यान विभाग से संपर्क किया। जिला उद्यान अधिकारी सीमा सिंह राणा द्वारा संचालित हाइटेक नर्सरी और उन्नत बीज वितरण योजनाओं की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने आधुनिक खेती की शुरुआत की। विभागीय प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग से प्रेरित होकर उन्होंने भिंडी की व्यावसायिक खेती शुरू की। इसके साथ ही कद्दू, टमाटर, करेला और बैंगन जैसी संकर सब्जियों की खेती भी अपनाई।

उन्होंने वैज्ञानिक तरीके से भिंडी की खेती की। हाइटेक नर्सरी से प्राप्त स्वस्थ पौधों का उपयोग करते हुए बेड बनाकर रोपाई की और लाइन से लाइन की दूरी 30 सेंटीमीटर तथा पौधे से पौधे की दूरी 20 सेंटीमीटर रखी। मात्र 10 बिस्वा भूमि पर लगभग 8 हजार रुपये की लागत लगाकर 60 दिनों में करीब 60 हजार रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया। वर्तमान में भी भिंडी की तुड़ाई से लगभग 20 हजार रुपये अतिरिक्त लाभ मिलने की संभावना है। वहीं कृषि विज्ञान केंद्र बक्शा से प्राप्त पौधों की खेती से भी उन्हें करीब 20 हजार रुपये की अतिरिक्त आय हुई

बृजेश कुमार पटेल का कहना है कि खेती में सफलता के लिए बड़ी जमीन नहीं, बल्कि नई सोच और सही तकनीक की जरूरत होती है।

उन्होंने अन्य किसानों से भी आधुनिक और वैज्ञानिक खेती अपनाने की अपील की है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय मुख्यमंत्री, जिला प्रशासन, उद्यान विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र बक्शा को दिया है।



