
जौनपुर– विश्व स्किज़ोफ्रेनिया दिवस के अवसर पर मंगल क्लिनिक में एक जागरूकता संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मनोचिकित्सक डॉ॰ उत्तम कुमार गुप्ता ने स्किज़ोफ्रेनिया बीमारी के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि स्किज़ोफ्रेनिया केवल “पागलपन” नहीं, बल्कि मस्तिष्क से जुड़ा एक गंभीर मानसिक रोग है, जो व्यक्ति की सोच, भावनाओं, व्यवहार और वास्तविकता को समझने की क्षमता को प्रभावित करता है। यह बीमारी प्रायः किशोरावस्था या युवावस्था में शुरू होती है। मरीज को भ्रम, आवाजें सुनाई देना, लोगों पर शक करना तथा सामाजिक संबंधों से दूर होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
डॉ. गुप्ता ने कहा कि समाज में मानसिक रोगों को लेकर आज भी कई भ्रांतियां और गलत धारणाएं मौजूद हैं, जिसके कारण मरीज समय पर उपचार नहीं ले पाते। जबकि सही दवाओं, मनोचिकित्सकीय परामर्श, पारिवारिक सहयोग और पुनर्वास सेवाओं से मरीज सामान्य जीवन जी सकते हैं।
उन्होंने परिवार की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि मरीज को डांटने या अलग-थलग करने के बजाय धैर्य, प्रेम और नियमित उपचार की आवश्यकता होती है।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने और मानसिक रोगियों के प्रति सम्मान व सहयोग की भावना रखने का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर हॉस्पिटल के समस्त स्टाफ, मरीज, उनके परिजन तथा क्लिनिक प्रबंधन के लोग मौजूद रहे।



