
जौनपुर – जनपद के बदलापुर तहसील क्षेत्र के घनश्यामपुर बाजार और आसपास की सड़कों पर आवारा मवेशियों का आतंक दिनों-दिन बढ़ता जा रहा है। हाईवे हो या बाजार की भीड़भाड़ वाली गलियां—हर जगह छुट्टा पशुओं का जमावड़ा सड़क हादसों के लिए खुला न्योता बन चुका है। स्थानीय लोगों के अनुसार दिन और रात, दोनों समय बड़ी संख्या में मवेशियों का सड़क पर घूमना वाहन चालकों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर रहा है। कई बार अचानक सामने आए पशुओं से बाइक सवार और चारपहिया वाहन चालक दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं, जिससे गंभीर चोटें और कभी-कभी मौत तक हो जाती है। केवल मुख्य सड़कों ही नहीं, बल्कि अस्पताल, स्कूल और सार्वजनिक स्थलों के पास भी इन पशुओं की मौजूदगी से आए दिन लोग चोटिल हो रहे हैं। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि मवेशियों के झुंड चलते-फिरते लोगों को गिरा देते हैं, जिससे खासकर बच्चों और बुजुर्गों को ज्यादा खतरा रहता है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाल ही में राज्य सरकारों को जारी किए गए निर्देशों के बावजूद हालात में कोई ठोस सुधार देखने को नहीं मिल रहा है। सर्वोच्च न्यायालय ने साफ कहा था कि सड़कों और हाईवे पर पशुओं का खुला विचरण जनता की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है और सरकार को इन्हें तत्काल हटाने की कार्रवाई करनी चाहिए। तहसील में की गई पड़ताल से पता चलता है कि लगभग सभी थाना क्षेत्रों में छुट्टा मवेशियों की भारी संख्या बनी हुई है। नगरीय क्षेत्र में नगर निकाय कार्रवाई करने में असहाय नजर आता है, जबकि ग्रामीण इलाकों में गो-आश्रय स्थलों तक पशुओं को पहुंचाने की प्रक्रिया बेहद धीमी है। अधिकारियों की उदासीनता के कारण यह समस्या लगातार बढ़ती जा रही है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है, ताकि लगातार हो रहे हादसों पर रोक लग सके और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।