
जौनपुर 25 दिसम्बर – इंदिरा गांधी स्टेडियम जौनपुर में 25 दिसम्बर 2025 को भूतपूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी के जन्म शताब्दी के अवसर पर खेल विभाग द्वारा आयोजित प्रदेशीय महिला वॉलीबॉल एवं खो खो प्रतियोगिता का शुभारंभ राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार खेल एवं युवा कल्याण विभाग उ०प्र० श्री गिरीश चंद्र यादव के द्वारा किया गया।
इस प्रतियोगिता में प्रदेश के 18 मंडल की टीमों ने प्रतिभाग किया।

राज्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा खिलाड़ियों के हित में चलाए जा रहे कार्यक्रमों की जानकारी खिलाड़ियों को दी, खिलाड़ियों के पुरस्कार राशि में वृद्धि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को राज्य सरकार द्वारा सरकारी नौकरी दिए जाने हेतु उठाए गए अपने प्रयासों की चर्चा की
राज्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश भर में खिलाड़ियों की सुविधा और प्रशिक्षण के लिए ब्लॉक स्तर पर अंतरराष्ट्रीय मानकों वाले स्टेडियम का निर्माण किया जा रहा, जिससे गांव गांव से खिलाड़ी निकल कर प्रदेश का नाम रोशन कर सकें। मा० मंत्री जी ने आश्वासन दिया कि खेल एवं खिलाड़ियों के प्रोत्साहन के लिए जिस सुविधाओं की आवश्यकता है वे उसे पूरा करने के लिए कटिबद्ध है, इसी के साथ उन्होंने प्रतिभाग करने वाले खिलाड़ियों को अपनी शुभकामनाएं प्रदान की और खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर वॉलीबॉल तथा खो खो के मुकाबलों का आनंद उठाया।
मंत्री द्वारा दोनों खेल के खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर प्रतियोगिता का उद्घाटन किया गया। इसके साथ ही वालीबाल एवं खो-खो मैच का काफी देर तक बैठकर उन्होंने स्वयं आनंद लिया जिससे खिलाड़ियों में काफी उत्साह था खिलाड़ियों द्वारा माननीय मंत्री जी के साथ ग्रुप फोटो भी करवाया गया।
भारत रत्न श्रद्धा अटल बिहारी वाजपेई जी के जन्मदिवस पर आज इस प्रतियोगिता का उद्घाटन किया गया। मुख्य अतिथि को बुके एवं अंगवस्त्रम प्रदान कर क्रीड़ा अधिकारी जौनपुर चंदन सिंह द्वारा स्वागत किया गया।
इस अवसर पर प्रदेश से आए दोनों ही खेल के निर्णायकगण भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन वीर बहादुर पूर्वांचल विश्वविद्यालय जौनपुर डॉ० राजेश सिंह के द्वारा अपने ओजस्वी भाषणों द्वारा किया गया।
इस अवसर पर सोमेश गुप्ता, राजकुमार यादव अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ ही खेल विभाग मे कार्यरत विभिन्न खेलों के प्रशिक्षकगण भी उपस्थित थे। अंत में क्रीड़ा अधिकारी द्वारा मंत्री को इस स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।



