
अनमैप्ड मतदाताओं से संवाद, दस्तावेज मिलान व व्यवस्था को लेकर दिए सख्त निर्देश
जौनपुर
जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र ने विधानसभा क्षेत्र 370-मड़ियाहू अंतर्गत कार्यालय खंड विकास अधिकारी रामपुर के सभागार में चल रहे गहन विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) कार्यों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में अनमैप्ड श्रेणी में चिह्नित मतदाताओं की सुनवाई प्रक्रिया का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान निर्धारित तिथि पर नोटिस प्राप्त कर दस्तावेजों के साथ उपस्थित अनमैप्ड मतदाताओं से जिला निर्वाचन अधिकारी ने संवाद किया। उन्होंने बताया कि यदि किसी मतदाता का स्वयं का अथवा उनके माता-पिता, दादा-दादी, नाना-नानी का नाम वर्ष 2003 की मतदाता सूची में उपलब्ध है और उसका मिलान हो जाता है, तो संबंधित मतदाता को मैप किया जाएगा। इसके साथ ही सत्यापन के दौरान मतदाताओं के फोटो भी लिए जाएंगे। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि मतदाताओं के बैठने, पानी और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था बनी रहे।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने ईआरओ एवं एईआरओ को निर्देशित किया कि नोटिस निर्गत होने के बाद यदि कोई मतदाता बिना दस्तावेज या अपूर्ण दस्तावेजों के साथ मैपिंग के लिए उपस्थित होता है, तो उसकी ग्रुप फोटो तथा अटेंडेंस शीट का रिकॉर्ड अनिवार्य रूप से सुरक्षित रखा जाए, जिससे भविष्य में किसी प्रकार की असुविधा न हो।

इसके उपरांत जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारी, नगर पंचायत रामपुर के सुनवाई कक्ष में संचालित एसआईआर कार्यों का भी निरीक्षण किया। यहां अनमैप्ड श्रेणी के मतदाताओं को दस्तावेज मिलान हेतु बुलाया गया था। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सुनवाई प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता एवं सुचारु ढंग से संपादित किया जाए। इस अवसर पर निर्वाचन संबंधी कार्यों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले बीएलओ को अंगवस्त्रम देकर सम्मानित किया गया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने उपस्थित वृद्धजनों को कंबल वितरित कर मानवीय संवेदना का भी परिचय दिया। उन्होंने कहा कि एसआईआर का उद्देश्य पात्र मतदाताओं को मतदाता सूची से जोड़ना है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की



