
सरदार पटेल ने भारत को एकता के सूत्र में पिरोया: कौशलेंद्र सिंह
जौनपुर–शाहगंज विधान सभा क्षेत्र में
लौह पुरुष, ‘भारत रत्न’ सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150 वीं जयंती के अवसर पर रविवार को विधायक रमेश सिंह के नेतृत्व में लखनऊ-बलिया राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित महुआ तर, मिश्रा ढाबा के मैदान से पदयात्रा निकाली गई। इस पदयात्रा में भारी संख्या में भाजपा के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल हुए। राष्ट्र के निर्माण में सरदार पटेल के योगदान को याद करते हुए नमन किया गया।
मुख्य अतिथि भाजपा के पूर्व प्रदेश मंत्री एवं प्रतापगढ़ के प्रभारी कौशलेंद्र सिंह पटेल एवं विधायक का माल्यार्पण कर भव्य स्वागत किया गया। मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में कहा कि यह यात्रा देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रनिर्माण के प्रति सरदार साहब के योगदान को नमन करने का अवसर है। उन्होंने बताया कि सरदार पटेल ने छोटी-छोटी रियासतों में विभाजित भारत को एकता के सूत्र में पिरोने का काम किया। विधायक ने वल्लभ भाई पटेल को राष्ट्र की एकता और अखंडता का सूत्रधार बताया। विधायक ने कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल के सपनों का भारत तभी बनेगा जब देश का हर नागरिक सभी मतभेदों को भुलाकर सकारात्मक दिशा की तरफ अग्रसर होगा। कहा कि भारत देश के एकीकरण में सरदार पटेल का योगदान महत्वपूर्ण है जिसे देश हमेशा याद रखेगा। सरदार वल्लभभाई पटेल दृढ़ निश्चय वाले लौह पुरुष के व्यक्तित्व थे। उन्होंने उन्हें सभी राजनीतिक दलों के लिए राजनीति के क्षेत्र का प्रेरणा स्रोत बताया। यह पदयात्रा ब्लॉक परिसर अटल पार्क में संपन्न हुई।
जिला संयोजक एवं जिला महामंत्री सुनील तिवारी ने भी संबोधित किया। आभार उत्तर -प्रदेश माटी कला बोर्ड के सदस्य एवं सुल्तानपुर के प्रवासी अजीत प्रजापति एवं संचालन शाहगंज के संयोजक राकेश वर्मा ने किया।पदयात्रा में भाजपा के जिलाध्यक्ष पुष्पराज सिंह, क्षेत्राधिकारी अजीत सिंह चौहान, ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि डॉ. उमेश चंद्र तिवारी, उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष नरसिंह बहादुर सिंह, क्षेत्रीय मंत्री भाजयुमो काशी क्षेत्र पवन पाल, खुटहन के ब्लॉक प्रमुख बृजेश कुमार यादव, थानाध्यक्ष यजुवेंद्र सिंह, शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष डॉ. रणंजय सिंह, काशी क्षेत्र के अध्यक्ष दिलीप पटेल जिला प्रभारी अशोक चौरसिया, बेचन सिंह, विजयलक्ष्मी साहू, अमरपाल मौर्य, नरेंद्र उपाध्याय, कार्यक्रम प्रभारी रामखेलावन वर्मा, बेचन पांडेय आदि शामिल हुए।




