
जौनपुर – पिछले दो वर्षों में प्रकृति की प्रतिकूल परिस्थितियों ने जौनपुर जनपद में तिलहन की फसलों पर गहरा प्रभाव डाला था। समय-समय पर हुई अनियमित वर्षा, ओलावृष्टि और लंबे सूखे के कारण सरसों सहित अन्य तिलहन उत्पादन में भारी नुकसान झेलना पड़ा। किसानों के सामने आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया था, जिससे खेती की लागत निकाल पाना भी मुश्किल हो गया था। लेकिन इस वर्ष मौसम के अनुकूल रहने और समय पर बुवाई होने से खेतों में सरसों की लहलहाती फसल देखकर किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। खेतों में फैली हरियाली से किसानों की उम्मीदें एक बार फिर से हरी हो गई हैं।
क्षेत्र के कृषक बताते हैं कि पिछले वर्षों की तुलना में इस बार सरसों की फसल बेहतर स्थिति में है। पौधों की बढ़वार सामान्य है और रोग व कीट प्रकोप अब तक कम देखा गया है। किसानों का कहना है कि यदि इसी प्रकार मौसम सहयोग करता रहा तो उत्पादन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की संभावना है। इससे न केवल स्थानीय बाजार में तिलहन की उपलब्धता बढ़ेगी, बल्कि किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य भी मिलने की उम्मीद है।
कृषि विभाग के अधिकारियों ने भी खेतों का निरीक्षण कर किसानों को समय-समय पर उर्वरक प्रबंधन, सिंचाई तथा रोग नियंत्रण से संबंधित आवश्यक सलाह दी है। किसानों का विश्वास है कि इस वर्ष अच्छी पैदावार होने पर घाटे की भरपाई संभव हो सकेगी और वे कृषि कार्य के प्रति और अधिक उत्साहित होंगे। कुल मिलाकर, इस बार सरसों की हरियाली जौनपुर के किसानो के लिए आशा की नई किरण लेकर आई है।


