
जौनपुर – लगातार कई दिनों से छाया घना कोहरा और कड़ाके की ठंड क्षेत्र में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर रही है। सुबह होते ही कोहरे की मोटी चादर पूरे इलाके को अपनी गिरफ्त में ले लेती है, जिससे दृश्यता बेहद कम हो जाती है। सड़कों पर आवाजाही सुस्त पड़ गई है और लोग बेहद जरूरी काम होने पर ही घरों से निकल रहे हैं। ठंड के साथ बढ़ी गलन ने लोगों की दिनचर्या को पूरी तरह बदल दिया है। इसका सबसे अधिक असर खेतों में खड़ी दलहन और तिलहन की फसलों पर दिखाई दे रहा है। सरसों, चना, मटर और मसूर जैसी फसलें कोहरे की अधिक नमी के कारण कमजोर पड़ने लगी हैं। पत्तियों पर दाग और पीलापन साफ नजर आने लगा है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
गलन के चलते किसान दुबके घरों में
गेहूं की सिंचाई बाधित
तेज गलन और शीतलहर के कारण किसान सुबह खेतों की ओर जाने से कतरा रहे हैं। हाथ-पैर सुन्न कर देने वाली ठंड के चलते अधिकांश किसान घरों में ही दुबके रहते हैं। इसका सीधा असर गेहूं की सिंचाई पर पड़ रहा है। समय पर पानी न मिलने से गेहूं की बढ़वार प्रभावित हो रही है और आगे चलकर पैदावार घटने की आशंका जताई जा रही है। नलकूपों और खेतों के आसपास जहां आमतौर पर इस मौसम में चहल-पहल रहती थी, वहां अब सन्नाटा पसरा हुआ है।
ग्रामीण इलाकों में लोग अलाव और गर्म कपड़ों का सहारा लेकर किसी तरह ठंड से बचाव कर रहे हैं। बच्चों और बुजुर्गों को लेकर परिवार अधिक सतर्क नजर आ रहे हैं। बाजारों में भी ठंड का असर साफ दिखाई दे रहा है, जहां सुबह के समय रौनक कम रहती है और दुकानदार देर से अपनी दुकानें खोल रहे हैं। दिहाड़ी मजदूरों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं, क्योंकि ठंड और कोहरे के कारण काम के अवसर सीमित हो गए हैं। कुल मिलाकर, कोहरा और ठंड इस समय आम जनजीवन और खेती दोनों के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं।



