
महराजगंज /जौनपुर – क्षेत्र का प्रमुख महराजगंज बाजार आज भी मूलभूत सुविधाओं से वंचित है। करीब साढ़े तीन किलोमीटर क्षेत्र में फैला यह बाजार पांच ग्राम सभाओं को जोड़ता है, जबकि आसपास की लगभग 12 ग्राम सभाओं के लोग रोजाना यहां खरीदारी के लिए पहुंचते हैं। बाजार की आबादी लगभग 5500 बताई जा रही है और यहां 500 से अधिक छोटी-बड़ी दुकानें संचालित हैं। प्रतिदिन दो से तीन हजार खरीदारों की आवाजाही रहती है। इतने बड़े बाजार के बावजूद यहां शौचालय की कोई व्यवस्था नहीं है। जल निकासी, पार्किंग और स्ट्रीट लाइट जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी घोर अभाव है। इसका सबसे अधिक असर महिलाओं और बुजुर्गों पर पड़ रहा है, जिन्हें बाजार में आने पर भारी परेशानी झेलनी पड़ती है। शादी-विवाह, क्रिया-कर्म या अन्य सामाजिक आयोजनों के लिए आसपास के गांवों के लोग इसी बाजार पर निर्भर हैं, लेकिन सुविधाओं के नाम पर हालात चिंताजनक बने हुए हैं। बाजार में सुरक्षा को लेकर भी व्यापारियों में डर का माहौल है। स्वर्ण व्यवसायी और अन्य बड़े दुकानदार लगातार प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग कर रहे हैं। पुलिस द्वारा कई दुकानदारों को सीसीटीवी कैमरे लगाने की सलाह दी गई है, फिर भी छोटे व्यापारी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। वहीं, मेन रोड पर यूनियन बैंक के पास और पड़ाव क्षेत्र में लगी हाईमास्ट लाइट करीब छह महीने से खराब पड़ी है। पूरे बाजार और मुख्य सड़क पर स्ट्रीट लाइट न होने से शाम ढलते ही अंधेरा छा जाता है। अंधेरे के कारण खरीदार और दुकानदार दोनों ही समय से पहले बाजार छोड़ने को मजबूर हो जाते हैं। स्थानीय लोगों और व्यापारियों का कहना है कि यदि प्रशासन जल्द बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराए तो यह बाजार और अधिक विकसित हो सकता है, लेकिन अनदेखी के चलते समस्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है।


