
जौनपुर। भारत रत्न एवं पूर्व राष्ट्रपति डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के सपनों को साकार करने तथा विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की भूमिका को रेखांकित करते हुए मोहम्मद हसन पी.जी. कॉलेज, जौनपुर के सौदागर हॉल में उनकी जयंती के अवसर पर ‘उड़ान कलाम मंच’ के अंतर्गत प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के प्रथम सत्र में मुख्य वक्ता पूर्व आईएएस अधिकारी अभिषेक सिंह ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि युवाओं को अपने सपनों को केवल कल्पनाओं तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि ज्ञान, आत्मविश्वास, अनुशासन और निरंतर परिश्रम के बल पर उन्हें साकार करने का संकल्प लेना चाहिए। डॉ. कलाम का जीवन इस बात की प्रेरणा देता है कि साधारण परिस्थितियों से निकलकर भी असाधारण उपलब्धियाँ हासिल की जा सकती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी प्रतिभा पहचानने, असफलताओं से सीखने और राष्ट्र के विकास में सक्रिय योगदान देने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता लेफ्टिनेंट कर्नल पुष्पेंद्र सिंह ने की।

उन्होंने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा, साहस और राष्ट्रसेवा को सफलता का मूलमंत्र बताते हुए युवाओं से जीवन में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित कर दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। कार्यक्रम के प्रारंभ में महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. अब्दुल कादिर खान ने अतिथियों का स्वागत करते हुए डॉ. कलाम के प्रेरणादायी व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि डॉ. कलाम का जीवन ज्ञान, सादगी, संघर्ष और राष्ट्रप्रेम का अद्वितीय उदाहरण है। उनके विचार आज भी युवाओं को बड़े सपने देखने और उन्हें साकार करने की शक्ति प्रदान करते हैं। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों, नाटकों एवं डॉ. कलाम के जीवन पर आधारित प्रस्तुतियों के माध्यम से उनके संघर्ष, वैज्ञानिक उपलब्धियों और राष्ट्र के प्रति समर्पण को जीवंत किया। कार्यक्रम का संयुक्त संचालन अहमद अब्बास खान एवं शादॉं जबीं ने किया। इस मौके पर पूर्वांचल विश्वविद्यालय के समन्वयक डॉ. शशिकांत यादव, असिस्टेंट प्रोफेसर विशाल सिंह, डॉ. जीवन यादव, डॉ. कमरुद्दीन शेख, आर.पी. सिंह, डॉ. ममता सिंह, डॉ. नीलेश सिंह, डॉ. सतीश दुबे, डॉ. प्रज्वलित यादव, डॉ. शाहिदा परवीन, डॉ. प्रेमलता गिरी, संतोष सिंह, प्रवीण यादव, डॉ. अलमीना सहित महाविद्यालय के शिक्षकगण, कर्मचारीगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे। ‘उड़ान कलाम मंच’ ने युवाओं को यह संदेश दिया कि डॉ. कलाम के सपनों का भारत तभी साकार होगा, जब युवा अपनी ऊर्जा को शिक्षा, नवाचार, चरित्र निर्माण और राष्ट्रसेवा में लगाएंगे। कार्यक्रम ने विद्यार्थियों में आत्मविश्वास जगाने तथा विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करने का प्रेरणादायी संदेश दिया।


