अभाविप, काशी प्रांत के प्रांतीय अधिवेशन का जौनपुर में हुआ शुभारंभ

अभाविप, काशी प्रांत के प्रांतीय अधिवेशन का जौनपुर में हुआ शुभारंभ

अभाविप, काशी प्रांत की सदस्यता 3,86,091 हुई, विश्व के सबसे बड़े छात्र संगठन ने तोड़ा अपना ही पूर्व रिकॉर्ड

डॉ महेंद्र त्रिपाठी नवनिर्वाचित प्रांत अध्यक्ष तथा शिवम सिंह प्रांत मंत्री के रूप में नवनिर्वाचित

शैक्षिक, राष्ट्र चेतना का अमर घोष वंदे मातरम्, सोनभद्र के विकास, पर्यावरण संबंधित चार प्रस्ताव किए गए प्रस्तुत

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, काशी प्रांत के 65वें प्रांतीय अधिवेशन का भव्य शुभारंभ आज सोमवार को जौनपुर के वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय अस्थाई रूप से बसाए गए ‘रानी अब्बक्का नगर’ के ‘महंत अवैद्यनाथ सभागार’ में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, काशी प्रांत के प्रांत प्रचारक रमेश, विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित प्रख्यात भारतीय कुश्ती खिलाड़ी पद्मश्री योगेश्वर दत्त एवं विशेष रूप से उपस्थित अभाविप के राष्ट्रीय मंत्री अभय प्रताप सिंह ने किया। इस दौरान मंच पर अतिथियों के साथ नवनिर्वाचित प्रांत अध्यक्ष डॉ महेंद्र त्रिपाठी, नवनिर्वाचित प्रांत मंत्री शिवम सिंह, स्वागत समिति अध्यक्ष ज्ञान प्रकाश एवं स्वागत समिति मंत्री पुष्पराज सिंह उपस्थित रहे।

अधिवेशन का शुभारंभ आज सुबह संगठन के ध्वज के ध्वजारोहण और सामूहिक वंदे मातरम् के साथ हुआ। अभाविप, काशी प्रांत के निवर्तमान प्रांत मंत्री अभय प्रताप सिंह ने विगत वर्ष का वृत्त प्रस्तुत करते हुए यह आंकड़ा रखा कि अभाविप, काशी प्रांत ने इस वर्ष सदस्यता के सभी पुराने आंकड़ों को पीछे छोड़ 3,86,091 विद्यार्थियों की सदस्यता की है। अभाविप, काशी प्रांत की संगठनात्मक यात्रा में यह संख्या सर्वाधिक है।

इसके पश्चात, प्रांत अध्यक्ष एवं प्रांत मंत्री निर्वाचन प्रक्रिया संपन्न हुई, जिसमें चुनाव अधिकारी डॉ अखिलेश पाण्डेय ने काशी प्रांत के प्रांत अध्यक्ष तथा प्रांत मंत्री की घोषणा की। चुनाव प्रकिया में जौनपुर निवासी डॉ महेंद्र त्रिपाठी को अभाविप, काशी प्रांत अध्यक्ष एवं भदोही के शिवम सिंह को अभाविप, प्रांत मंत्री के रूप में निर्वाचित किया गया।

केंद्रीय एवं राज्य विश्वविद्यालयों में रिक्त सीटें एवं देर तक चलती प्रवेश प्रक्रिया चिंतनीय, वंदे मातरम् के 150 वर्ष: राष्ट्र चेतना का अमर घोष, स्क्रीन टाइम से ग्रीन टाइम की ओर: एक संतुलित जीवन की पहल, सीमांत से सशक्तिकरण तक: सोनभद्र के उज्ज्वल भविष्य की परिकल्पना विषयक चार महत्वपूर्ण प्रस्ताव को इस अधिवेशन के प्रथम दिवस पर प्रस्तुत किया गया है और प्रतिनिधियों के सुझाव मांगे गए हैं, इन प्रस्तावों को प्राप्त महत्वपूर्ण सुझावों को सम्मिलित कर अंतिम दिन पारित किया जाएगा।

उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, काशी प्रांत के प्रांत प्रचारक श्री रमेश ने कहा कि,” वर्तमान समय में भारतवर्ष को एक बार फिर राष्ट्रीय पुनरुत्थान की आवश्यकता है, जिसका आधार ज्ञान और चरित्र की शिक्षा होनी चाहिए। एकता में ही वास्तविक शक्ति है, जो शांति की स्थापना करती है। देश तभी सशक्त बनेगा जब हम ‘व्यक्ति की जय’ के स्थान पर ‘भारत की जय’ के संकल्प के साथ कार्य करेंगे। राष्ट्र निर्माण के लिए जन-जन में परिवर्तन और मातृ-शक्ति का शिक्षित होना अनिवार्य है। साथ ही, यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम युवाओं को नशे के चंगुल से बचाएं और राष्ट्र के शत्रुओं व मित्रों की सही पहचान करें, ताकि हमारे अस्तित्व पर कोई संकट न आए।”

उद्घाटन सत्र के विशिष्ट अतिथि प्रख्यात भारतीय कुश्ती खिलाड़ी पद्मश्री योगेश्वर दत्त ने कहा कि,”अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता सदैव अपनी व्यक्तिगत आकांक्षाओं से ऊपर उठकर राष्ट्र के बारे में सोचते हैं। यह संगठन निरंतर देश को गढ़ने और उसे प्रगति के पथ पर आगे ले जाने के विजन के साथ कार्य कर रहा है। किसी भी राष्ट्र की असली शक्ति उसके युवाओं में निहित होती है यदि युवा मानसिक और शारीरिक रूप से मजबूत हैं, तो राष्ट्र स्वतः ही सशक्त बन जाता है। राष्ट्र निर्माण में समाज के हर वर्ग का योगदान अतुलनीय है, जहाँ खिलाड़ी वैश्विक पटल पर देश का मान बढ़ाते हैं और फौजी सीमाओं की रक्षा करते हैं, वहीं शिक्षक भावी पीढ़ी को शिक्षित कर देश का आधार तैयार करते हैं। हमें यह समझना होगा कि निस्वार्थ भाव से की गई समाज सेवा भी वास्तव में देश सेवा ही है। हमारा लक्ष्य पूरे समाज को एकजुट कर साथ लेकर चलना होना चाहिए ताकि हम मिलकर भारत को उन्नति की नई ऊंचाइयों पर पहुँचा सकें। अंततः, हमारी हर गतिविधि और विचार के केंद्र में हमेशा ‘हिंदुस्तान’ होना चाहिए।”

उद्घाटन सत्र में विशेष रूप से उपस्थित अभाविप के राष्ट्रीय मंत्री अभय प्रताप सिंह ने कहा कि,”आज के समय में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद एक ऐसे छात्र संगठन के रूप में कार्यरत है, जिसका मूल संकल्प केवल राष्ट्र सेवा है। वर्तमान दौर में युवा पीढ़ी के सामने बढ़ता हुआ ‘स्क्रीन टाइम’ एक गंभीर चुनौती है, जो मानसिक अवसाद का एक बड़ा कारण बनता जा रहा है। इसके साथ ही, आज शैक्षणिक परिसरों में ऐसी विचारधाराओं की अधिकता दिखती है जो समाज को तोड़ने का प्रयास करती हैं, जबकि सकारात्मक रूप से जोड़ने वाले लोग कम हैं। अतः यह अनिवार्य है कि छात्र शक्ति जागरूक बने और विध्वंसक प्रवृत्तियों को त्यागकर एकजुट होकर राष्ट्र निर्माण में अपना योगदान दे।”

  • Related Posts

    नीलगाय को बचाने में कार पलटी,चार घायल

    जफराबाद जौनपुर क्षेत्र के हौज गांव के पास हाइवे पर बुधवार को अपराह्न एक नीलगाय बचाने मे कार पलट गयी।कार में सवार चार लोग…

    Continue reading
    श्री सर्वेस्वरी समूह संस्थान शाखा समोधपुर में 130 जरूरतमंदों को किया गया कंबल वितरण

    मानवता की सेवा के लिए उत्कृष्ट कार्य कर रहा श्री सर्वेश्वरी समूह संस्थान: सतीश सिंह सुइथाकला जौनपुर विकासखंड क्षेत्र के श्री सर्वेश्वरी समूह संस्थान…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    नीलगाय को बचाने में कार पलटी,चार घायल

    श्री सर्वेस्वरी समूह संस्थान शाखा समोधपुर में 130 जरूरतमंदों को किया गया कंबल वितरण

    चाइनीज मांझे ने छीनी युवा डॉक्टर की जान, शहर में गुस्सा और डर का माहौल

    जगदीशपुर ओवरब्रिज निर्माण से बिगड़ी यातायात व्यवस्था

    नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाली वांछित अभियुक्ता गिरफ्तार

    रोडवेज बस व ट्रक की आमने-सामने टक्कर बस-ट्रक क्षतिग्रस्त, सवारियां व चालक-खलासी सभी सुरक्षित