
जौनपुर। चौकियां निवासी सुभाष, जो पिछले लगभग 10 वर्षों से गंभीर गांठिया (आर्थराइटिस) रोग से पीड़ित थे, आखिरकार राहत की सांस ले सके। लंबे समय से असहनीय दर्द और सूजन से जूझ रहे बुजुर्ग ने कई स्थानों पर उपचार कराया, लेकिन स्थायी लाभ नहीं मिल पाया। आर्थिक तंगी के कारण उनका इलाज बीच-बीच में रुक भी जाता था।
इसी दौरान उनकी मुलाकात डॉ. विवेक शुक्ला से हुई। मरीज की गंभीर स्थिति और आर्थिक कमजोरी को देखते हुए डॉ. शुक्ला ने मानवता का परिचय देते हुए IPM तकनीक से उपचार किया। बताया गया कि इस प्रक्रिया में लगभग 60 हजार रुपये तक का खर्च आता है, साथ ही आवश्यक एंटीबायोटिक इंजेक्शन भी लगाए जाते हैं। लेकिन डॉ. शुक्ला ने पूरा इलाज निःशुल्क किया।

इलाज के तुरंत बाद मरीज को दर्द से काफी राहत महसूस हुई और सूजन में भी उल्लेखनीय कमी आई। वर्षों से चली आ रही पीड़ा में अचानक सुधार देखकर बुजुर्ग और उनके परिजन भावुक हो उठे। उन्होंने डॉ. विवेक शुक्ला के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि “हमने कई जगह इलाज कराया, लेकिन ऐसा आराम कभी नहीं मिला। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण हम उम्मीद छोड़ चुके थे, पर डॉक्टर साहब ने बिना एक भी रुपया लिए हमारा इलाज किया।

स्थानीय लोगों ने भी डॉ. शुक्ला के इस सराहनीय कार्य की प्रशंसा की और इसे मानव सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। क्षेत्र में इस मानवीय पहल की चर्चा हो रही है और लोग इसे जरूरतमंदों के लिए प्रेरणादायक कदम मान रहे हैं।



