
22 जुलाई से 8 सितंबर तक चलेगा अभियान, लगभग 6 लाख पशुओं का होगा निःशुल्क टीकाकरण
पशुपालकों से मंत्री की अपील—समय पर टीकाकरण कराकर पशुधन को बनाएं सुरक्षित
जौनपुर-पशुओं को खुरपका-मुंहपका (एफएमडी) जैसी गंभीर संक्रामक बीमारी से बचाने के उद्देश्य से बुधवार को जनपद में एफएमडी टीकाकरण अभियान के आठवें चरण का शुभारंभ किया गया। प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गिरीश चन्द्र यादव ने हरी झंडी दिखाकर 45 दिवसीय निःशुल्क टीकाकरण अभियान की शुरुआत की। यह अभियान 22 जुलाई से 8 सितंबर 2026 तक जनपद के सभी विकास खंडों में संचालित किया जाएगा। अभियान के तहत लगभग 6 लाख पशुओं का टीकाकरण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

राज्यमंत्री गिरीश चन्द्र यादव ने कहा कि पशुपालन किसानों और पशुपालकों की आजीविका का महत्वपूर्ण आधार है तथा सरकार पशुधन को किसानों की अमूल्य संपत्ति मानते हुए उसके संरक्षण के लिए पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि खुरपका-मुंहपका जैसी संक्रामक बीमारी से पशुओं को बचाने के लिए पूरे प्रदेश में व्यापक टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। सातवें चरण की सफलता के बाद अब आठवें चरण में अधिक से अधिक पशुओं का टीकाकरण कर उन्हें रोगमुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने सभी पशुपालकों से अपने पशुओं का समय पर निःशुल्क टीकाकरण कराने और अभियान में सक्रिय सहयोग देने की अपील की।
जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. ने बताया कि एफएमडी एक विषाणुजनित एवं अत्यंत संक्रामक रोग है, जो संक्रमित पशुओं से तेजी से फैलता है। इस बीमारी के कारण पशुओं में बुखार, मुंह एवं खुर में छाले, चारा छोड़ देना, दूध उत्पादन में कमी तथा लंगड़ापन जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। उन्होंने कहा कि समय पर टीकाकरण ही इस बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय है। उन्होंने सभी पशुपालकों से निर्धारित तिथियों पर अपने पशुओं का टीकाकरण अवश्य कराने की अपील की, जिससे पशुधन सुरक्षित रहे और दुग्ध उत्पादन के साथ उनकी आय में भी वृद्धि हो।

प्रभारी मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ. संजय कुमार ने बताया कि अभियान के लिए जनपद को 5,70,550 डोज वैक्सीन प्राप्त हुई हैं। जिले में कुल 6,32,664 पशु हैं, जिनमें 2,95,060 गोवंशीय तथा 3,37,604 महिषवंशीय पशु शामिल हैं। 1,740 ग्राम पंचायतों एवं लगभग दो लाख पशुपालकों तक पहुंचने के लिए 21 विकास खंडों के 36 पशु चिकित्सालयों के माध्यम से 43 टीकाकरण टीमों का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि वैक्सीन की गुणवत्ता एवं प्रभावशीलता बनाए रखने के लिए सभी पशु चिकित्सालयों में कोल्ड-चेन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खाड़िया सहित पशुपालन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।




