
ग्रामीण अंचलों में जनजीवन प्रभावित, पशु-पक्षी भी ठंड से बेहाल
जौनपुर– जनपद में शीतलहर का प्रकोप लगातार जारी है। 4 जनवरी को भी सुबह से ही सर्द हवाओं ने लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया। घने कोहरे और बर्फीली हवाओं के चलते तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित रहा। ठंड का असर इतना तेज रहा कि लोग अनावश्यक रूप से घरों से बाहर निकलने से बचते नजर आए। सड़कों पर आम दिनों की तुलना में आवाजाही कम रही और बाजारों में भी रौनक फीकी दिखाई दी।
शहर के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों में ठंड का असर और भी अधिक देखने को मिला। गांवों में सुबह के समय खेतों और गलियों में सन्नाटा पसरा रहा। किसान ठंड और गलन के कारण देर से खेतों की ओर निकले। अलाव जलाकर लोग सर्दी से बचाव करते दिखे। कई स्थानों पर लोग ऊनी कपड़ों और कंबलों में लिपटे हुए नजर आए, वहीं बच्चे और बुजुर्ग सबसे अधिक ठंड से प्रभावित रहे।
ग्रामीण क्षेत्रों में पशुओं की स्थिति भी चिंताजनक बनी हुई है। ठंडी हवाओं और गलन के चलते पशु खुले स्थानों पर सिकुड़े हुए दिखाई दिए। कई जगहों पर पशुपालकों ने जानवरों को ठंड से बचाने के लिए पुआल, तिरपाल और बोरी का सहारा लिया। ठंड के कारण दूध उत्पादन में भी कमी की बात कही जा रही है। पक्षी भी ठंड से बचने के लिए झुंड बनाकर पेड़ों और सुरक्षित स्थानों पर सिमटे नजर आए।
लगातार जारी शीतलहर ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित कर दिया है। सुबह और रात के समय ठंड का असर सबसे ज्यादा महसूस किया जा रहा है। मौसम के इस मिजाज को देखते हुए लोग गर्म कपड़ों, गरम पेय पदार्थों और अलाव का सहारा लेकर सर्दी से बचाव करने में जुटे हुए हैं।


