25मई के बाद अपंजीकृत अस्पतालों के विरुद्ध होगी कार्यवाही- जिलाधिकारी


जौनपुर – जिलाधिकारी डॉ0 दिनेश चंद्र की अध्यक्षता में स्वास्थ्य शासी निकाय की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में संपन्न हुई।


बैठक में जिलाधिकारी ने संचारी रोगों के नियंत्रण, संचारी रोग अभियान में सैम बच्चों के चिन्हांकन के साथ ही दस्तक अभियान के दौरान संवेदीकरण कार्यक्रम, रोगियों की जांच आदि की समीक्षा की।


जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि अस्पतालों में मूलभूत सुविधाएं, समुचित व्यवस्था, फायर एनओसी होनी चाहिए। स्वास्थ्य इकाइयों का नेशनल क्वालिटी एश्योरेंस स्टैंडर्ड सर्टिफिकेशन की भी समीक्षा की तथा इसके सभी पैरामीटर को पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्य विकास अधिकारी को स्वास्थ्य संबंधी निर्माण कार्य की समीक्षा के निर्देश दिए। इसके साथ ही उन्होंने मोबाइल मेडिकल यूनिट, एंबुलेंस उपलब्धता आदि की भी समीक्षा की।


हीट वेव के दृष्टिगत अस्पतालों में की गई तैयारी के संदर्भ में जानकारी ली तथा निर्देशित किया कि सभी एमओआईसी तथा सीएचसी, पीएचसी के बाहर भी काउंटर पर ओआरएस पैकेट आने वाले मरीजों में वितरण कराया जाए। सभी एमओआईसी अपने क्षेत्र में संचालित बिना पंजीकृत अस्पताल/चिकित्सक पर एफआईआर दर्ज कराये


जिलाधिकारी ने कहा कि नागरिकों को बेहतर चिकित्सा तथा सुविधा दिलाने हेतु तथा पंजीकरण में आ रही कठिनाई को दूर करते हुए सुगमता प्रदान करने हेतु uphealth.in पर 3 दिन के भीतर पंजीकरण हेतु ऑनलाइन आवेदन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जितने भी अपंजीकृत अस्पताल हैं ,यदि उनकी अर्हता है तो पंजीयन अवश्य कराएं यदि अर्हता नहीं है तो सीज कर उनके विरुद्ध कार्यवाही की जाए। उन्होंने कहा कि 25 मई के बाद उपजिलाधिकारी, आयुष चिकित्सक, एमओआईसी तथा थाना अध्यक्ष की टीम बनाकर एक अभियान चलाते हुए फर्जी अस्पतालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने कहा कि आयुष्मान कार्ड से इलाज हेतु इनपैनल्ड ऐसे हॉस्पिटल जहां आयुष्मान कार्ड से इलाज किया जा रहा है आयुष्मान कार्ड होने पर उसे सभी चिकित्सकिय सुविधा प्रदान की जाए, यदि ऐसी विसंगति पाई जाती है कि आयुष्मान कार्ड होने के बाद भी इलाज नहीं किया जा रहा है तो अस्पताल द्वारा इंपैनलमेंट की शर्तों का उल्लंघन होगा तथा संबंधित के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी।
सीएचसी, पीएचसी में वृक्षारोपण करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने सख्त निर्देश दिए की आयुष्मान कार्ड से इलाज हेतु इंपैनल्ड अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड धारक मरीज जिसको इमरजेंसी की सुविधा हो, सिर्फ उसका नाम ही इनपैनल अस्पताल दर्ज किया जाए अन्यथा की स्थिति में आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।
जिलाधिकारी ने जानकारी दी की सिद्धार्थ हॉस्पिटल में एक मरीज जो आयुष्मान कार्ड धारक था, इलाज के लिए आया था लेकिन आयुष्मान कार्ड होने तथा अस्पताल इंपैनल्ड होने के बाद भी उसे चिकित्सकीय सुविधा नहीं दी जा रही थी तथा नकद की मांग की जाए रही थी, प्रकरण पर जिला अधिकारी ने तुरंत संज्ञान लेते हुए अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ राजीव सिंह की टीम को भेजकर तत्काल मामले की जांच करने के निर्देश दिए इसके पश्चात जिलाधिकारी के निर्देश पर मरीज को सभी चिकित्सकीय सुविधाएं सुविधा दी गई तथा पैसे भी वापस कराए गए।


इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खाड़िया, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर लक्ष्मी सिंह, सभी चिकित्सा अधीक्षक सहित अन्य उपस्थित रहे।

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