शांति भंग की आशंका में 24 लोगों का चालान

जौनपुर। बरसठी थाना क्षेत्र के घनापुर गांव में जमीन संबंधी विवाद को लेकर शांति व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका पर पुलिस ने 24 लोगों को हिरासत में लेकर उनका चालान कर दिया।
पुलिस के अनुसार गांव में भूमि विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई थी। किसी अप्रिय घटना की आशंका को देखते हुए पुलिस ने शोला शेख, नन्हेलाल, अकरम, अताउल्ला, मो. इद्दू, शौकत अली, महमूद अली, बेदी आलम, मो. रुस्तम, मो. आजाद, छेदी, अनीषअहमद, रोजन अली, नासिर अली, बचानू, मुख्तार, शमीम, मकसूद आलम, सलामत, बरकत अली, रफीक, मो. शेबू, शेराज अहमद तथा सलमान को हिरासत में लिया। इसके बाद सभी का बीएनएसएस की धारा 170 के तहत चालान कर संबंधित न्यायालय में पेश किया गया। थाना प्रभारी निरीक्षक जय प्रकाश यादव ने बताया कि गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई है।

  • Related Posts

    बनारस चलो’ अभियान में जौनपुर से उमड़ा जनसैलाब, प्रभारी विनीत सेठ के नेतृत्व में निकला भव्य काफिला

    ‘जौनपुर। ‘बनारस चलो’ अभियान के तहत जौनपुर जनपद से एक विशाल एवं भव्य काफिला वाराणसी के लिए रवाना हुआ। कार्यक्रम के प्रभारी विनीत सेठ…

    Continue reading
    नेत्र शिविर में उमड़ी भीड़, 65 मरीज ऑपरेशन के लिए चयनित

    जौनपुर- आंखों की रोशनी लौटने की उम्मीद लेकर रविवार को महमदपुर में आयोजित नि:शुल्क नेत्र शिविर में मरीजों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। शिविर…

    Continue reading

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    जौनपुर -तेजी से बढ रहे कैंसर के मरीज: डा0 रवि शंकर सिंह

    मोदी के जन्मदिन पर कृपाशंकर सिंह ने 176 छात्राओं को बांटी साइकिल चुनाव हारने के बाद भी कृपाशंकर सिंह का जनसेवा जारी : सीमा द्विवेदी साइकिल मिलते ही छात्राओं के चेहरे पर दिखी खुशी

    जौनपुर -समूह के सहयोग से अंकिता ने शुरू किया सिलाई केंद्र, बनीं आत्मनिर्भर

    जौनपुर -राष्ट्रसेवा के प्रति समर्पित रहा पंडित दीनदयाल का जीवन : गिरीश चंद्र110वीं जयंती समारोह पर एक संगोष्ठी का आयोजन

    जौनपुर -पं. दीनदयाल उपाध्याय जयंती की पूर्व संध्या पर निःशुल्क नेत्र शिविर, 500 जरूरतमंदों की हुई जांच

    जरूरतमंदों के बीच मनाया वरिष्ठ भाजपा नेता ज्ञान प्रकाश सिंह का जन्मदिनपौधरोपण से रक्तदान तक हुए कार्यक्रम