
बदलापुर जौनपुर
बदलापुर विकास खंड के बनगांव पट्टी गांव के किसान महेंद्र यादव ने पारंपरिक खेती की सीमाओं से बाहर निकलकर गुलाब की खेती को अपनाया और इसे आय का सशक्त माध्यम बना लिया है। उनकी यह पहल अब क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है।हाल ही में सहायक विकास अधिकारी (कृषि रक्षा) अंकित सिंह ने महेंद्र यादव के खेत का निरीक्षण किया। इस दौरान गुलाब के पौधों की बेहतर बढ़वार, स्वस्थ फसल और आकर्षक फूलों को देखकर उन्होंने किसान के प्रयासों की प्रशंसा की। निरीक्षण में यह पाया गया कि खेती पूरी तरह वैज्ञानिक पद्धतियों पर आधारित है।महेंद्र यादव ने गुलाब की खेती के लिए उन्नत किस्मों का चयन किया है। समय पर सिंचाई, संतुलित खाद प्रबंधन और कीट-रोग नियंत्रण पर विशेष ध्यान देने से फसल की गुणवत्ता में लगातार सुधार हुआ है। नियमित कटाई और बाजार की मांग के अनुसार आपूर्ति करने से उन्हें अच्छा मूल्य भी मिल रहा है। स्थानीय बाजारों के साथ-साथ थोक व्यापारियों से सीधे जुड़ाव के कारण गुलाब की बिक्री सुचारू रूप से हो रही है। इससे उनकी आमदनी में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है और खेती अब उनके लिए एक लाभकारी व्यवसाय का रूप ले चुकी है। सहायक विकास अधिकारी अंकित सिंह ने कहा कि फूलों की खेती कम समय में बेहतर मुनाफा देने वाली कृषि गतिविधि है। यदि किसान पारंपरिक फसलों के साथ फूल, सब्जी और अन्य नकदी फसलों को अपनाएं तो उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है। विभाग द्वारा किसानों को तकनीकी सलाह और सरकारी योजनाओं की जानकारी भी दी जा रही है।महेंद्र यादव का कहना है कि खेती में सही तकनीक, निरंतर मेहनत और बाजार की समझ हो तो किसान अच्छी आमदनी हासिल कर सकता है। उन्होंने क्षेत्र के अन्य किसानों से भी अपील की कि वे नई और उन्नत खेती की ओर कदम बढ़ाएं।गुलाब की खेती में मिली यह सफलता न सिर्फ बदलापुर क्षेत्र में उन्नत कृषि की मिसाल बन रही है, बल्कि ग्रामीण स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा कर रही है।


