
जौनपुर-। विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर शनिवार, 10 अक्टूबर को वाजिदपुर तिराहा स्थित मंगल क्लीनिक, न्यूरो-साइकियाट्रिक सेंटर में एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने, मानसिक रोगों से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने तथा मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने पर जोर दिया गया।
संगोष्ठी को संबोधित करते हुए मनोचिकित्सक डॉ. उत्तम कुमार गुप्ता ने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य हमारे समग्र स्वास्थ्य का अभिन्न अंग है। तनाव, अवसाद, चिंता, नींद की समस्या और अन्य मानसिक विकारों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर पहचान और उचित उपचार से मरीजों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों की बात ध्यानपूर्वक सुनना, उनके अनुभवों को समझना और उन्हें भावनात्मक सहयोग देना बेहद जरूरी है। मानसिक रोग कोई कमजोरी नहीं हैं। ऐसे मरीजों के साथ भेदभाव करने के बजाय उन्हें सम्मान, सहयोग और उचित उपचार उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
कार्यक्रम में मनोवैज्ञानिक डॉ. साधना मौर्या ने भी मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और मरीजों की भावनात्मक आवश्यकताओं को समझने के महत्व पर चर्चा की।
संगोष्ठी में मरीजों के परिजनों के साथ क्लीनिक के मैनेजर शशिभूषण पांडेय, अजय चंद साहू, त्रिलोकी, रमाकांत, सोनू, शिवकुमार, गुड़िया, कविता, काजल सहित अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से लोगों को मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने तथा जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ की सहायता लेने का संदेश दिया गया।
मंगल क्लीनिक, वाजिदपुर तिराहा, जौनपुर की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य मानसिक स्वास्थ्य के प्रति समाज में सकारात्मक सोच विकसित करना और मानसिक रोगों से प्रभावित लोगों को बेहतर सहयोग दिलाने के लिए जागरूकता बढ़ाना रहा।


